Kumar Vishwas shayari in Hindi Ultimate collection

 

Dr. Kumar Vishwas Shayari 

Kumar Vishwas shayari in Hindi Ultimate collection


तुम्हे  जीने में आसानी बहुत है ,
तुम्हारे खून में पानी बहुत है ,
कबूतर इश्क का उतरे तो केसे ?
तुम्हारी छत पर निघरानी बहुत है !

 


में  अपने गीत गजलो से उसे पैगाम करता हु ,
उसी की दी हुई दोलत उसी के नाम करता हु ,
हवा का काम है चलना , दिए का काम जलना ..
वो अपना काम करती है में अपना काम करता हु ….


महोब्बत  एक एसासो की पावन सी कहानी है ,
कभी कबीरा दीवाना था , कभी मीरा दीवानी है ,
यहा सब लोग कहते है मेरी आँखों में आसू है ..
जो तू समझे तो मोती है , जो न समझे तो पानी है ….

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